Monday, 27 November 2017

NVS Recruitment 2017: 683 पदों पर निकाली गई नियुक्तियां, आवेदन करने की आखिरी तारीख करीब

NVS Recruitment 2017: 683 पदों पर निकाली गई नियुक्तियां, आवेदन करने की आखिरी तारीख करीब

अलग-अलग पदों के लिए तय की गई हैं अलग योग्यताएं, भर्तियां दो हिस्सों में की जा रही हैंNVS Recruitment 2017: 683 पदों पर निकाली गई नियुक्तियां, आवेदन करने की आखिरी तारीख करीब

नई दिल्ली : नवोदय विद्यालय समिति (NVS Recruitment 2017) ने देशभर में विभिन्न पदों के लिए कुल 683 भर्तियां निकाली हैं. यह सभी पद गैर-शैक्षणिक श्रेणी के हैं जिसमें लोअर डिवीजन क्लर्क (एलडीसी) से लेकर स्टॉफ नर्स जैसे पद शामिल हैं. इन पदों के लिए ऑलनाइन आवेदन ही स्वीकार किए जाएंगे. आवेदन करने की अंतिम तारीख 13 दिसंबर है. इसमें रक्तियिां दो हस्सिों में हैं, जिसके तहत कुछ पद मुख्यालय और अन्य पद एनवीएस के क्षेत्रिय कार्यालयों के लिए हैं.
मुख्यालय के लिए भर्तियां
लोअर डिवीजन क्लर्क    10
वेतनमानः 5,200-20,200 रुपये (ग्रेड पे 1,900 रुपये)
उम्र सीमाः 18 से 27 वर्ष
अनिवार्य योग्यताः
मान्यता प्राप्त बोर्ड से न्यूनतम 50 फीसदी अंकों के साथ 12वीं पास एवं हिन्दी टाइपिंग में 25 शब्द प्रति मिनट और अंग्रेजी टाइपिंग में 30 शब्द प्रति मिनट की स्पीड होनी चाहिए.
अथवा सीबीएसई या राज्य के बोर्ड से 12वीं पास हो और सेक्रेटेरियल प्रैक्टिस एवं ऑफिस मैनेजमेंट वोकेशनल विषय के रूप में पढ़ा हो.
वांछनीयःकंप्यूटर और डाटा एंट्री का जानकारी। 12वीं के स्तर पर इसकी पढ़ाई की हो या मान्यता प्राप्त संस्थान से छह माह का कंप्यूटर का कोर्स किया हो.
सरकारी/अर्द्ध सरकारी या स्वायत संस्थान में अकाउंट्स के क्षेत्र में काम करने का अनुभव हो.
वरीयताः सीबीएसई से 12वीं पास हो और सेक्रेटेरियल प्रैक्टिस एवं ऑफिस मैनेजमेंट को अनिवार्य विषय के रूप में पढ़ा हो.
ऑडिट असिस्टेंट 03
वेतनमानः 9,300-34,800 रुपये (ग्रेड पे 4,200)
उम्र सीमाः 18 से 30 साल
अनिवार्य योग्यताः
मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से बी.कॉम
वांछनीयः
सरकारी/अर्द्ध सरकारी या स्वायत संस्थान में अकाउंट्स के क्षेत्र में तीन साल काम करने का अनुभव हो.

हिन्दी ट्रान्सलेटर 05
वेतनमानः 9,300-34,800 रुपये (ग्रेड पे 4,200)
उम्र सीमाः 18 से 30 साल
अनिवार्य योग्यताः हिन्दी या अंग्रेजी विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन अथवा हिन्दी या अंग्रेजी विषय में ग्रेजुएशन के साथ मान्यता प्राप्त संस्थान से हिन्दी से अंग्रेजी या अंग्रेजी से हिन्दी ट्रान्सलेशन में डिप्लोमा. केन्द्र/राज्य सरकार में हिन्दी से अंग्रेजी या अंग्रेजी से हिन्दी में ट्रान्सलेशन में काम करने का दो साल का अनुभव

स्टेनोग्राफर    06
वेतनमानः 5,200-20,200 रुपये (ग्रेड पे 2,400 रुपये)
उम्र सीमाः 18 से 27 वर्ष
अनिवार्य योग्यताः मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास
शॉर्टहैंड स्पीड अंग्रेजी में 80 शब्द प्रति मिनट और टाइपिंग स्पीड 40 शब्द प्रति मिनट
व शॉर्टहैंड स्पीड हिन्दी में 60 शब्द प्रति मिनट और टाइपिंग स्पीड 30 शब्द प्रति मिनट
स्टॉफ नर्स (महिला)    पद 81
वेतनमानः 9,300-34,800 रुपये (ग्रेड पे 4,600 रुपये)
उम्र सीमाः 35 वर्ष अधिकतम
अनिवार्य योग्यताः मान्याता प्राप्त बोर्ड से 12वीं या समकक्ष पास.
नर्सिंग में ग्रेड ए (तीन वर्षीय) डिप्लोमा/सर्टिफिकेट या बीएससी नर्सिंग किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी/संस्थान से
राष्ट्रीय/राज्य नर्सिंग काउंसिल में रजिस्ट्रेशन होना चाहिए
अस्पताल या नर्सिंग होम में दो साल काम करने का अनुभव होना चाहिए
वांछनीयः
हिन्दी/क्षेत्रिय भाषा और अंग्रेजी में काम करने का ज्ञान होना चाहिए 
कैटरिंग असिस्टेंट    पद 61
वेतनमानः 5,200-20,200 रुपये (ग्रेड पे 2,400 रुपये)
उम्र सीमाः 35 वर्ष अधिकतम
अनिवार्य योग्यताः 10वीं पास होने के साथ सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान से कैटरिंग में तीन वर्षीय डिप्लोमा होना चाहिए व सीबीएसई से 12वीं पास और उस स्तर पर होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग को वोकेशनल विषय के रूप में पढ़ा हो और पिछले एक साल का काम करने का अनुभव हो व 12वीं पास होने के साथ कैटरिंग में एक साल का डिप्लोमा एवं तीन साल किसी नामचीन संस्थान या होटल में काम करने का अनुभव हो भूतपूर्व सैनिकों के मामले में कैटरिंग ट्रेड में सैन्य बल में काम करने का 10 साल अनुभव और सर्टिफिकेट हो.

एलडीसी/स्टोरकीपर    440
वेतनमानः 5,200-20,200 रुपये (ग्रेड पे 1,900 रुपये)
उम्र सीमाः 18 से 27 वर्ष
अनिवार्य योग्यताः मान्यता प्राप्त बोर्ड से न्यूनतम 50 फीसदी अंकों के साथ 12वीं पास एवं हिन्दी टाइपिंग में 25 शब्द प्रति मिनट और अंग्रेजी टाइपिंग में 30 शब्द प्रति मिनट की स्पीड होनी चाहिए।
अथवा सीबीएसई या राज्य के बोर्ड से 12वीं पास हो और सेक्रेटेरियल प्रैक्टिस एवं ऑफिस मैनेजमेंट को वोकेशनल विषय के रूप में पढ़ा हो।
वांछनीयः
कंप्यूटर और डाटा एंट्री का जानकारी। 12वीं के स्तर पर इसकी पढ़ाई की हो या मान्यता प्राप्त संस्थान से छह माह का कंप्यूटर का कोर्स किया हो।
सरकारी/अर्द्ध सरकारी या स्वायत संस्थान में अकाउंट्स के क्षेत्र में काम करने का अनुभव हो।
वरीयताः
सीबीएसई से 12वीं पास हो और सेक्रेटेरियल प्रैक्टिस एवं ऑफिस मैनेजमेंट को अनिवार्य विषय के रूप में पढ़ा हो।

लैब असिस्टेंट    पद 77
वेतनमानः 5,200-20,200 रुपये (ग्रेड पे 1,800 रुपये)
उम्र सीमाः 18 से 30 साल
अनिवार्य योग्यताः सामान्य विज्ञान के साथ मिडिल पास
आवेदन शुल्कः 1,000 रुपये ऑडिट असिस्टेंट, हिन्दी ट्रान्सलेटर, स्टॉफ नर्स के लिए
750 रुपये, लैब असिस्टेंट,स्टेनोग्राफर,एलडीसी/स्टोरकीपर के लिए
अनुसूचित जाति एवं जनजाति, दिव्यांग एवं भूतपूर्व सैनिकों के लिए कोई शुल्क नहीं

ऐसे करें आवेदन 
संस्थान की वेबसाइट  www.nvshq.org /www.nvsnt2017.org पर जाकर ऑनलाइन आवेदन दिए गए निर्देश के अनुसार करें
ऑनलाइन आवेदन का प्रिंट लेकर उसपर हाल में खिचाया हुआ फोटो लगाकर अपने पास रखें. जरूरत पर आगे कभी भी मांगा जा सकता है
आवेदन सफलतापूर्वक जमा होने के बाद आपको लॉगइन आईडी और पासवर्ड मिलेगा. यह स्क्रिन पर दिखेगा जिसे नोट करके रख लें
ऑनलाइन आवेदन के बाद उसके प्रिंट के साथ किसी भी तरह का दस्तावेज संस्थान के पता पर नहीं भेजना है
उम्मीदवार योग्यता रहने पर एक से अधिक पदों के लिए भी आवेदन कर सकते हैं लेकिन इसके लिए उन्हें अतिरक्ति संबंधित शुल्क चुकाना होगा

स्कैन दस्तावेज तैयार रखें
हाल में खिचाया हुआ पासपोर्ट आकार का फोटो ( तीन हफ्ते से ज्यादा पुराना न हो)
उम्मीदवार का हस्ताक्षर
जन्म तिथि का प्रमाणपत्र (10वीं का प्रमाणपत्र)
डिग्री का अंतिम या प्रोविजनल प्रमाणपत्र और अंकपत्र
जाति एवं दिव्यांग प्रमाणपत्र
भूतपूर्व सैनिक का प्रमाणपत्र

नए और पुराने आवेदक
नए उम्मीदवारों के लिए उम्र और शैक्षणिक योग्यता आदि की गणना के लिए अंतिम तिथि 31 अक्तूबर 2017 है.
इन पदों पर वर्ष 2013 से वर्ष 2016 के बीच समय-समय पर रिक्तियां निकाली गई हैं,लेकिन परीक्षा नहीं आयोजित हुई थी.
जिन उम्मीदवारों ने पहले के विज्ञापन के मुताबिक आवेदन किया है उन्हें दोबारा आवेदन करने की जरूरत नहीं है
पुराने आवेदक आवेदन फॉर्म में पता और मोबाइल नंबर में सुधार कर सकते हैं। लेकिन नए आवेदकों को आवेदन में किसी तरह के सुधार की छूट नहीं होगी
पुराने आवेदक क्षेत्रिय कार्यालय में नियुक्ति के विकल्प को दोबारा बदल सकते हैं

परीक्षा की तारीख: ऑनलाइन कम्यूटर बेस्ड टेस्ट (सीबीटी) का आयोजन 12,13 एवं 14 जनवरी 2018 को आयोजित होगा

चयन प्रक्रियाः
सीबीटी में प्रदर्शन के आधार पर उम्मीदवारों को शॉर्टलस्टि किया जाएगा. इसमें कट ऑफ मार्क्स एनवीएस तय करेगी
स्टेनोग्राफर, एलडीसी/स्टोरकीपर के मामले में सीबीटी के बाद स्किल टेस्ट भी होगा जो केवल पास करना होगा. इसका कोई नंबर अंतिम चयन में नहीं जुड़ेगा
स्किल टेस्ट में फेल होने वाले उम्मीदवारों की उम्मीदवारी रद्द हो जाएगी उम्मीदवार परीक्षा केन्द्र के रूप में दिए गए शहरों में से तीन का विकल्प चुन सकते हैं

परीक्षा प्रारूप
सीबीटी के विस्तृत प्रारूप के लिए संस्थान की वेबसाइट पर परीक्षा प्रारूप देखें
सीबीटी में गलत उत्तर के लिए कोई नकारात्मक अंक नहीं हैं
परीक्षा के लिए प्रश्न हिन्दी और अंग्रेजी दोनो भाषाओं में होंगे
कई उम्मीदवारों को बराबर अंक मिलते हैं तो उम्र के आधार पर फैसला होगा। अधिक उम्र के उम्मीदवार को वरीयता मिलेगा
अंक और उम्र के आधार पर भी बराबर होने की स्थिति में शैक्षणिक योग्यता में ज्यादा नंबर वाले को तरजीह मिलेगी

उम्र सीमा में छूट
अनुसूचित जाति एवं जनजाति-05 साल
अन्य पिछड़ा वर्ग-03 साल
एनवीएस/केन्द्र सरकार के कर्मचारी-05 साल
अनुसूचित जाति एवं जनजाति दव्यिांग-15 साल
अन्य पिछड़ा वर्ग दव्यिांग-13 साल
दिव्यांग सामान्य श्रेणी-10 साल

नियुक्तियों से जुड़े 8 क्षेत्रिय कार्यालय
पटना, लखनऊ,भोपाल,चंडीगढ़,हैदराबाद, जयपुर, पुणे ओर शिलॉन्ग.
इन क्षेत्रिय कार्यालयों में रिक्तियों की संख्या अलग-अलग है जिसकी जानकारी संस्थान की वेबसाइट से ले सकते हैं

VIDEO: यहां पुलिस वाले अपराधी नाबालिग बच्चों को देते हैं स्पेशल क्लास


ध्यान दें
आवेदन शुल्कः1,000 रुपये ऑडिट असिस्टेंट, हिन्दी ट्रान्सलेटर, स्टॉफ नर्स के लिए.
750 रुपये लैब असिस्टेंट,स्टेनोग्राफर,एलडीसी/स्टोरकीपर के लिए.
अनुसूचित जाति एवं जनजाति,दिव्यांग एवं भूतपूर्व सैनिकों के लिए कोई शुल्क नहीं
आवेदन की अंतिम तिथिः 13 दिसंबर
वेबसाइटः  www.nvshq.org /www.nvsnt2017.org gov.in  पर जाएं.
ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तारीख : 30 नवंबर 2017

एक दिन में लाखों रुपये कमा लेता है ये 6 साल का बच्चा, जानिए कैसे

एक दिन में लाखों रुपये कमा लेता है ये 6 साल का बच्चा, जानिए कैसे

क्या कभी आपने सुना है एक छोटा सा बच्चा जिसकी उम्र महज 6 साल है वो लाखों रुपए एक दिन में कमा रहा है? सुनने में ये बात थोड़ी अटपटी लगे. लेकिन, ये सच्चाई है.एक दिन में लाखों रुपये कमा लेता है ये 6 साल का बच्चा, जानिए कैसे

नई दिल्ली: क्या कभी आपने सुना है एक छोटा सा बच्चा जिसकी उम्र महज 6 साल है वो लाखों रुपए एक दिन में कमा रहा है? सुनने में ये बात थोड़ी अटपटी लगे. लेकिन, ये सच्चाई है. भारत का ये बच्चा सोशल मीडिया के जरिए लाखों रुपए कमा रहा है. यूट्यूब पर वीडियो अपलोड कर वो मोटी रकम कमा रहा है. आइए जानते हैं कौन है ये बच्चा...
कौन है ये बच्चा
केरल के कोच्चि का रहने वाले निहाल राज उम्र में छोटे हैं लेकिन उनका हुनर बड़ा है. उनके पास खाना बनाने का हुनर है. वह अपने इस टैलेंट से हर दिन एक लाख रुपए कमाते हैं. वह एक कुकरी शो कर रहा है. जिसके वीडियो वो सोशल मीडिया पर अपलोड करता है और लाखं कमाता है. निहाल को खाना बनाने का बडा शौक था और उनके इसी शौक के कारण आज उन्होंने एक नए मुकाम को हासिल किया है.
2015 में यूटयूब चैनल लॉन्च हुआ
निहाल के लाखों कमाने के पीछे उनके पिता का हाथ है. एक दिन निहाल अपनी मम्मी की किचन में हेल्प कर रहा था. उनके पिता ने पीछे से एक वीडियो बनाया और फेसबुक पर पोस्ट कर दिया. 
लोगों ने इस वीडियो को जब सराहना शुरू किया तो निहाल के पिता ने यूट्यूब चैनल किचाट्यूब बनाने का फैसला किया. जिसपर निहाल की वीडियो को अपलोड किया जाने लगा. निहाल राज का जनवरी 2015 में यूटयूब चैनल लॉन्च हुआ था.
जब बात लिटिल शेफ की है तो जाहिर सी बात है कि हर कोई उनकी बनाई रेसिपीज को टेस्ट करना ही चाहेगा. अपनी रेसिपीज को उन्होंने यूटयूब पर जगह दी जिसे सोशल मीडिया पर वायरल किया गया. उनकी रेसिपीज के वीडियो बनाए जाते हैं और उसे अपने यूटयूब चैनल पर लॉन्च करते हैं. इनकी रेसिपीज ऑडियंस दवारा खूब पसंद की जाती हैं.

पढ़ें- खुशी-खुशी चाइनीज खाने गए थे सचिन तेंदुलकर, लेकिन दोस्‍तों के कारण भूखे ही लौटना पड़ा था..

जीत चुके हैं देश विदेश के कुकरी शो
निहाल को अमेरिकन पॉपलुर शो एलेन डी जेनरेस शो में पुटटु नाम की एक रेसिपी के लिए अवॉर्ड भी दिया गया. निहाल नए डिशिज के लिए भी जाने जाते हैं. वो सोशल मीडिया पर नए-नए तरह से स्वीट डिश तैयार करते हैं.
मिकी माउस मैंगो रेसिपी से उन्हें फेसबुक पर काफी पॉपुलैरिटी मिली जिसके बाद से वह लाइव शो करने लगे. निहाल राज के वीडियो को शेयर करने का फेसबुक पर एक स्लॉट भी दिया गया. 

छोटे से बच्चे के टैलेंट को लेकर किचाटयूब आज जाना-माना चैनल बन चुका है. इस यूटयूब चैनल से उन्हें कई ऐसे पॉपुलर शेफ से मिलने का मौका मिला है. अब तक उन्हें संजीव कपूर, कुणाल कपूर से मिल चुके हैं. सोशल मीडिया पर उनको फोलॉअर्स लगातार बढ़ते जा रहे हैं. 

मुकेश अंबानी के ड्राइवर की सैलरी सुन आप के भी उड़ जाएंगे होश, सोशल मीडिया पर वायरल

मुकेश अंबानी के ड्राइवर की सैलरी सुन आप के भी उड़ जाएंगे होश, सोशल मीडिया पर वायरल

अब मुकेश अंबानी नहीं, बल्कि उनका ड्राइवर वायरल हो रहा है. जी हां... सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो वायरल हो रहा है.

मुकेश अंबानी के ड्राइवर की सैलरी सुन आप के भी उड़ जाएंगे होश, सोशल मीडिया पर वायरल
नई दिल्ली: मुकेश अंबानी एक ऐसा नाम है जिन्होंने लगातर मेहनत अपने नाम का लोहा मनवाया है मुकेश अंबानी की गिनती देश ही नहीं बल्कि पूरी विश्व के सबसे अमीर व्यक्तियों में की जाती है. इनका घर भी दुनिया के सबसे आलीशान और महंगे घरों की लिस्ट में शुमार है. मुकेश अंबानी के पास हेलीकॉप्टर होने के साथ ही 500 से भी अधिक गाड़ियां है.
हम इनके घर को स्वर्ग कह सकते है क्यों की इनका घर सभी सुख सुविधाओं से भरपूर है. अब मुकेश अंबानी नहीं, बल्कि उनका ड्राइवर वायरल हो रहा है. जी हां... सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. जिसमें बताया गया है कि कैसे मुकेश अंबानी ड्राइवर को चुनते हैं और कितनी सैलरी देते हैं. 
mukesh ambani
मुकेश अंबानी के घर का नौकर बनना आसान नहीं...
आप मुकेश अम्बानी के बारे में कई बातें जानते होंगे लेकिन क्या आप जानते है की मुकेश अम्बानी अपने ड्राइवर को कितनी सैलरी देते है. वीडियो में बताया गया है कि मुकेश अंबानी के घर का नौकर भी बनना इतना आसान नहीं है और बात हो उनके ड्राइवर की तो आप सोच ही सकते है. इसके लिए कितनी मेहनत करनी आवश्यक है.

अम्बानी का ड्राइवर बनने के पद को प्राप्त करने के लिए ड्राइवरों को कई काफी परीक्षण से गुजरना पड़ता है. मुकेश अंबानी का ड्राइवर बनने के लिए कंपनियों को ठेका दिया जाता है. इन कंपनियों के द्वारा ड्राइवर का पूर्ण प्रशिक्षण करके के बाद उन्हें पूर्ण सुनिश्चित किया जाता है. वह भी देखा जाता यही की किसी परेशानी को ड्राइवर किस तरह हेंडल कर सकता है.

मुकेश अम्बानी अपने ड्राइवरों को काफी मोटी पगार देते है आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मुकेश अम्बानी के एक ड्राइवर की महीने की पगार 2 लाख रूपये से भी अधिक होती है. किसी ड्राइवर के लिए इतनी पगार लेना बहुत बड़ी बात होती है. ये बात सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है.

भारत में है एक कंपनी, जहां चपरासी से लेकर अधिकारी हैं करोड़पति!

भारत में है एक कंपनी, जहां चपरासी से लेकर अधिकारी हैं करोड़पति!

यह अनोखी कंपनी रविराज फोइल्स लिमिटेड गुजरात स्थित अहमदाबाद के साणंद में है. दिलचस्प बात यह है कि यहां मजदूरी तक करने वाले कर्मचारियों के खाते में करोड़ रुपए हैं.

भारत में है एक कंपनी, जहां चपरासी से लेकर अधिकारी हैं करोड़पति!
नई दिल्ली: गुड्ज एंड सर्विसेज टैक्स (GST) की खबरों से अगर आप ऊब गए हैं तो ये खबर आपको थोड़ा सूकुन दे सकती है. भारत में एक ऐसी कंपनी है जहां कर्मचारियों की सैलरी 10 से 20 हजार रुपए के बीच है, लेकिन सभी करोड़पति हैं. यह बात आपको थोड़ी अटपटी लग सकती है लेकिन यह सौ फीसदी सच है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह अनोखी कंपनी रविराज फोइल्स लिमिटेड गुजरात स्थित अहमदाबाद के साणंद में है. दिलचस्प बात यह है कि यहां मजदूरी तक करने वाले कर्मचारियों के खाते में करोड़ रुपए हैं. अब आप सोच रहे हैं होंगे भला ऐसा कैसे हो सकता है. या आप आप सोच रहे होंगे कि बैंक की गलती से शायद कुछ देर के लिए यहां के कर्मचारियों के खाते में करोड़ रुपए ट्रांसफर हो गए होंगे, लेकिन ऐसा नहीं है.

दरअसल, रविराज फोइल्स लिमिटेड कंपनी ने अहमदाबाद में फैक्ट्री स्थापित करने के लिए जमीन का अधिग्रहण किया था. कंपनी ने तय वादे के मुताबिक जिन लोगों की जमीन ली थी उन्हें अपनी फैक्ट्री में नौकरी भी दी है. जमीन अधिग्रहण में मुआवजे के तौर पर गांव के लोगों को करोड़ों रुपए मिले हैं. साथ ही वे अपनी योग्यता के आधार पर इस फैक्ट्री में सुपरवाइजर, सिक्योरिटी गार्ड, फोन मैन, मजदूर आदि की नौकरी भी करते हैं. इस फैक्ट्री में 300 कर्मचारी काम करते हैं, जिसमें करीब 150 के बैंक खाते में करोड़ से ज्यादा रुपए हैं. 

इस इलाके में गुजरात सरकार ने चार हजार हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया था, जिसके लिए 2000 करोड़ रुपए का भगुतान किया गया है. रविराज फोइल्स के प्रबंध निदेशक जयदीपसिंह वाघेला का कहना है कि इस इलाके में लोगों के पास आमदनी का दूसरा श्रोत नहीं है. कंपनी ने अपने वादे के मुताबिक जिन लोगों की जमीन ली थी उनकी योग्यता के आधार पर नौकरी पर रखा है. 

उदाहरण के तौर पर रविराज फोइल्स में मशीन ऑपरेटर की नौकरी करने वाले धर्मेंद्र सिंह वाघेला की सैलरी 15 हजार रुपए प्रति महीना है, पर उनके बैंक खाते में करीब 2 करोड़ रुपए हैं. इसके अलावा जगदीश राठौड़ को स्टोर असिस्टेंट की नौकरी के लिए 12 हजार रुपए हर महीने मिलते हैं, लेकिन उनके खाते में करीब डेढ़ करोड़ रुपए हैं. इसी तरह स्टोरकीपर नरेंद्र सिंह बराड की सैलरी 11 हजार रुपए है, जबकि उन्हें जमीन बेचने पर करीब चार करोड़ रुपए मिले हैं. लगभग सारे करोड़पति कामगारों ने पैसों को बैंकों में फिक्स्ड डिपॉजिट करवा रखा है. ब्याज से उनके परिवार का खर्च चलता है और नौकरी के पैसे अन्य जरूरतें पूरी होती हैं. यह कंपनी 2013 में शुरू हुई थी, लगभग सारे कर्मचारी तभी से यहां काम कर रहे हैं.

गंदे कपड़े देख बाइक शोरूम से भगा रहे थे लोग, फिर हुआ ऐसा कि सब रह गए SHOCKED

गंदे कपड़े देख बाइक शोरूम से भगा रहे थे लोग, फिर हुआ ऐसा कि सब रह गए SHOCKED

थाईलैंड के एक बाइक शोरूम के बाहर गंदे कपड़े पहने एक व्यक्ति खड़ा था. जैसे ही अंदर घुसा तो कर्मचारी बाहर भगाने लगे. लेकिन जैसे ही उसने जेब से पैसे निकाले तो सभी के होश उड़ गए.

गंदे कपड़े देख बाइक शोरूम से भगा रहे थे लोग, फिर हुआ ऐसा कि सब रह गए SHOCKED
नई दिल्ली: अंग्रेजी की एक कहावत है- Never Judge A Book By Its Cover यानी बाहरी दिखावे से कुछ पता नहीं चलता. कहा तो ये भी जाता है कि कपड़ों से लोगों की हैसियत का पता चलता है. लोग देखकर ही अनुमान लगा लेते हैं कि कौन कैसा व्यक्ति है. लेकिन थाईलैंड के एक व्यक्ति को देखकर तो हर किसी ने भिखारी समझ लिया. लेकिन उसके एक कदम ने सभी हैरान कर दिया. सोशल मीडिया पर ये खबर तेजी से वायरल हो रही है. आइए जानते हैं आखिर मामला क्या है....
जब पहुंचा बाइक शोरूम
मामला इसी साल के मई महीने का है. थाईलैंड की लोकल वेबसाइट sanook के मुताबिक, थाईलैंड के एक बाइक शोरूम के बाहर गंदे कपड़े पहने एक व्यक्ति खड़ा था. जो बार-बार अंदर झांक रहा था. जिसके बाद वो अंदर दाखिल हुआ और वहीं बैठ गया. सभी उसे बाहर भगाने लगे. लेकिन वो बार-बार बाइक को छू-छूकर देख रहा था. कर्मचारी भी उसे बाहर धकेलने की कोशिश कर रहे थे. लेकिन जब उसने हार्ले डेविडसन का दाम पूछा तो सभी की हंसी छूट गई. लेकिन वो व्यक्ति काफी गंभीर अंदाज में सवाल पूछ रहा था. बार-बार लोगों की हंसी देखकर व्यक्ति गुस्से में आ गया और मैनेजर को बुला लिया. 
harley davidson
हुआ ऐसा कि हैरान हुए लोग
जिसके बाद मैनेजर ने उसे हार्ले डेविडसन का मॉडल दिखाया. जो उसे काफी पसंद आई. बता दें, बाइक की कीमत करीब 12 लाख थी. लेकिन जैसे ही गंदे कपड़े पहने व्यक्ति ने अपनी जेब से 12 लाख रुपये निकालर मैनेजर के हाथ में थमा दिए तो सभी कर्मचारी हैरान हो गए और वो बाइक लेकर निकल गया. 

व्यक्ति का नाम है लंग डेचा
एशिया वन की खबर के मुताबिक जब हर जगह ये खबर फैल गई तो पता चला कि इस आदमी का नाम लंग डेचा है. जो एक रिटायर्ड मैकेनिक हैं. जिसकी हार्ले डेविडसन ड्रीम बाइक थी, जो वो अपने मेहनत के पैसों से लेना चाहता था. बता दें, ये बाइक उन्होंने मई में खरीदी थी. लेकिन, ये खबर सोशल मीडिया पर अभी भी वायरल हो रही है. 

400 बच्चों की जान बचाने के लिए 10 किलो वजन के गोले को लेकर दौड़ा कांस्टेबल, Video देखकर आप भी करेंगे सलाम

400 बच्चों की जान बचाने के लिए 10 किलो वजन के गोले को लेकर दौड़ा कांस्टेबल, Video देखकर आप भी करेंगे सलाम

अभिषेक पटेल जिस तरह से बम लेकर स्कूल परिसर से भागे थे 

वो नजारा किसी फिल्मी स्टाइल से कम नहीं था

400 बच्चों की जान बचाने के लिए 10 किलो वजन के गोले को लेकर दौड़ा कांस्टेबल, Video देखकर आप भी करेंगे सलाम
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400 बच्चों की जान बचाने के लिए 10 किलो वजन के गोले को लेकर दौड़ा कांस्टेबल, Video देखकर आप भी करेंगे सलाम
बहादुर कांस्टेबल अभिषेक पटेल गोला लेकर भागते हुए

खास बातें

  1. एमपी पुलिस में कॉन्सटेबल हैं अभिषेक
  2. बचाई 400 बच्चों की जान
  3. 10 किलो वजन था गोले का
भोपाल: मध्य प्रदेश के सागर जिले के चितोरा गांव के एक स्कूल में तोप का गोला मिलने की खबर से सनसनी फैल गई. दहशत के माहौल के बीच एक पुलिस कॉन्स्टेबल अभिषेक पटेल  की बहादुरी के चलते स्कूल में किसी भी तरह का जान-माल का नुकसान नहीं हुआ. जब यह गोला बरामद हुआ उस वक्त स्कूल में 400 बच्चे मौजूद थे. अभिषेक पटेल जिस तरह से बम लेकर स्कूल परिसर से भागे थे वो नजारा किसी फिल्मी स्टाइल से कम नहीं था. एक तरह से अभिषेक ने जान-जोखिम में डालकर 400 बच्चों की जिंदगी बचाने की कोशिश की है. मध्य प्रदेश  पुलिस के बहादुर सिपाही अभिषेक ने बताया कि 100 नंबर पर उनको सूचना मिली थी कि यहां पर बम बरामद हुआ है. खबर मिलते ही वह एक टीम लेकर मौके पर पहुंच गए. उन्होंने देखा कि 400 बच्चे वहां पर मौजूद है और स्कूल के अध्यापक वहां पर चर्चा कर रहे थे. अभिषेक ने बताया कि इस बम का 10 किलो वजन और लंबाई 12 इंच थी.  उन्होंने कहा कि जब बम निरोधक दस्ता काफी देर तक नहीं पहुंचा तो उनको ट्रेनिंग के दौरान सिखाई गई एक बात याद आ गई. अभिषेक का कहना था कि उनको बताया गया था कि इतने वजन वाला बम अगर फट जाए तो 500 मीटर के आसपास तक नुकसान पहुंचा सकता है. अब उनके पास 400 बच्चों और वहां मौजूद लोगों बचाने के लिए कोई रास्ता नहीं सूझ रहा था और बम किसी भी समय फट सकता था क्योंकि यह कोई नहीं जानता था कि बम किस हालत में है.

पढ़ें : मध्य प्रदेश के इंदौर में मौत के बाद चार लोगों को नयी जिंदगी दे गयी विवाहिता

जब तक कोई समझ पाता अभिषेक ने बिना देर किए बम को अपने कंधे में रखकर दौड़ना शुरू कर दिया और एक किलोमीटर दूर ले जाकर फेंका. इस बीच उनकी टीम के लोग समझाते रहे कि गोला फेंक कर दूर हट जाएं क्योंकि अगर बम फट जाता तो अभिषेक शरीर के परखच्चे उड़ जाते. लेकिन अभिषेक का एक ही मकसद था कि किसी तरह से गोले को रिहायशी इलाके से दूर कर दिया जाए. अभिषेक की इस बहादुरी की चर्चा चारो ओर हो रही है. वहीं यह बम कहां से आया है कि इस सवाल पर आईजी सतीश सक्सेना का कहना था कि अंदेशा है कि स्कूल सेना के फायरिंग रेज के पास ही स्थित है हो सकता है यह वहीं से गिरा हो. यह बम काफी पुराना है. आईजी सक्सेना कहना है कि इससे पहले इसी तरह का एक बम सागर जिले के ही बनाड गांव में पाया गया था जिसकी जांच अभी चल रही है.

वीडियो : इस कांस्टेबल की बहादुरी को सलाम
इसके साथ ही पुलिस अधिकारी ने आश्वासन दिया कि अभिषेक पटेल और उनके साथ गई पूरी टीम को इस बहादुरी के लिए सम्मानित किया जाएगा. 

Youtube पर आम्रपाली का कहर, 24 घंटे में दो मिलियन लोग देख चुके हैं ये फिल्म

Youtube पर आम्रपाली का कहर, 24 घंटे में दो मिलियन लोग देख चुके हैं ये फिल्म

भोजपुरी फिल्मों की लकी अदाकारा आम्रपाली दुबे की जुबली स्टार निरहुआ के साथ डेब्यू फिल्म ‘निरहुआ हिंदुस्तानी’ ने बॉक्स ऑफिस और डिजिटल प्लेटफार्म पर कामयाबी के झंडे गाड़े थे, अब ये फिल्म भी कुछ ऐसा ही कर रही है..

Youtube पर आम्रपाली का कहर, 24 घंटे में दो मिलियन लोग देख चुके हैं ये फिल्म.

खास बातें

  1. 1.निरहुआ के साथ है लीड जोड़ी
  2. 2.यूट्यूब सेंसेशन है आम्रपाली दुबे
  3. 3.करोड़ों में हैं उनके गानों को व्यू
नई दिल्ली: भोजपुरी फिल्मों की लकी अदाकारा आम्रपाली दुबे की जुबली स्टार निरहुआ के साथ लॉन्चिंग फिल्म ‘निरहुआ हिंदुस्तानी’ ने बॉक्स ऑफिस और डिजिटल प्लेटफार्म पर कामयाबी के झंडे गाड़े थे और उन्हें रातोरात स्टार बना दिया था. इसके बाद ‘निरहुआ हिंदुस्तानी-2’ आई तो यह भी जबरदस्त हिट रही थी. इस फिल्म के गाने औऱ ट्रेलर दोनों ने ही धूम मचाई थी. अब फिल्म यूट्यूब पर रिलीज हो गई है, और यहां भी इसने हंगामा बरपा रखा है. ‘निरहुआ हिंदुस्तानी-2’ को 24 घंटे पहले यूट्यूब पर रिलीज किया गया था और अब ये दो मिलियन का आंकड़ा पार कर चुकी है. भोजपुरी एक्टर निरहुआ बिग बॉस में भी पारी खेल चुके हैं

जानें मायावती ने क्यों कहा, '...तो समर्थकों के साथ हिन्दू धर्म त्याग कर अपना लूंगी बौद्ध धर्म'

जानें मायावती ने क्यों कहा, '...तो समर्थकों के साथ हिन्दू धर्म त्याग कर अपना लूंगी बौद्ध धर्म'

मायावती ने बीजेपी को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उसने दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों के प्रति अपनी सोच नहीं बदली तो वह समर्थकों के साथ हिन्दू धर्म त्यागकर बौद्ध धर्म अपना लेंगी.

जानें मायावती ने क्यों कहा, '...तो समर्थकों के साथ हिन्दू धर्म त्याग कर अपना लूंगी बौद्ध धर्म'

खास बातें

  1. 'बीजेपी जातीय संघर्ष करवा कर वोटबैंक की राजनीतिक चाल चल रही है'
  2. 'बीजेपी कैसा नया भारत बनाएगी, अंदाजा लगाया जा सकता है'
  3. 'अब जनता जाग गई है, आने वाले निकाय चुनाव में बीएसपी मजूबत होगी'
आजमगढ़: बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की प्रमुख मायावती ने बीजेपी को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उसने दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों के प्रति अपनी सोच नहीं बदली तो वह अपने समर्थकों के साथ हिन्दू धर्म त्यागकर बौद्ध धर्म अपना लेंगी. आजमगढ़ में एक रैली को संबोधित करते हुए मायावती ने बीजेपी पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 'जातिवादी एजेंडे' को आगे बढ़ाने का आरोप लगाते हुए उसे हैदराबाद में रोहित वेमुला कांड और गुजरात में ऊना कांड के लिए जिम्मेदार ठहराया. बीएसपी प्रमुख ने कहा कि जब उन्होंने सहारनपुर में दलितों पर अत्याचार के मुद्दे को राज्यसभा में उठाने की कोशिश की तो उन्हें बोलने नहीं दिया गया, जिसके बाद उन्होंने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के नक्शेकदम पर चलते हुए राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया. मायावती ने कहा, 'बीजेपी जातीय संघर्ष करवा कर वोटबैंक की राजनीतिक चाल चल रही है. इसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. अब जनता जाग गई है, आने वाले निकाय चुनाव में बीएसपी मजूबत होगी.' उन्होंने पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए कहा, 'प्रधानमंत्री नए भारत के निर्माण की बात कहकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं. बीजेपी कैसा नया भारत बनाएगी, अंदाजा लगाया जा सकता है.'

यह भी पढ़ें : भाजपा में दलित, ओबीसी हमेशा ही आरएसएस के बंधुआ मजदूर बने रहेंगे : मायावती

मायावती ने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर ने हिन्दू धर्म की वर्ण व्यवस्था के तहत दलितों और दबे-कुचलों के साथ भेदभाव की परिपाटी को देखकर तत्कालीन शंकराचार्यों और संतों से मजहबी व्यवस्था की इन कमियों को दूर करने का आग्रह किया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसी कारण अंबेडकर ने अपने निधन से कुछ समय पहले नागपुर में अपने अनुयायियों के साथ हिन्दू धर्म त्यागकर बौद्ध धर्म अपना लिया था. मायावती ने कहा, 'मैं बीजेपी को खुली चेतावनी देती हूं कि अगर उन्होंने दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों तथा धर्मांतरण करने वाले लोगों के प्रति अपनी हीन, जातिवादी और सांप्रदायिक सोच नहीं बदली तो मुझे भी हिन्दू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म अपनाने का फैसला लेना पड़ेगा.'


Wednesday, 22 November 2017

क्या आप को झूठ से नफरत है ?

क्या आप को झूठ से नफरत है ?
                                         झूठ के लिए चित्र परिणाम
क्या आप को झूठ से नफरत है तो ऐसा कोन सा इंसान है जिसको झूठ से प्यार
है। तो फिर झूठ बोलता कोन है क्या आप ने कभी झूठ नहीं बोली ।
(आप को शराब से नफरत है तो क्या आप शराब पीते हो नहीं न
आप को मास से नफरत है तो क्या आप मास कहते हो नहीं न तो)
अगर आप को झूठ से नफरत ही है तो आप झूठ क्यों बोलते हो

इसका मतलब आप को ही झूठ से प्यार है तभी आप झूठ बोलते हो ।

दिल्ली टेस्टः ओपनर धवन या राहुल में से एक का बाहर होना लगभग तय

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